साइबर गोल्ड क्वेस्ट · स्कूल जागरूकता सेमिनार

नवाचार की शुरुआत स्कूल से होती है।

साइबर गोल्ड क्वेस्ट उत्तराखंड में गंभीर साइबर सुरक्षा क्षमता विकसित करने का मिशन है। यह 60–90 मिनट का सेमिनार शिक्षक, अभिभावक और कक्षा 7–12 के विद्यार्थियों को विश्वसनीय करियर, प्रतियोगिता और अध्ययन के अवसरों पर एक ही संवाद में साथ लाता है। वास्तविक रुचि समय रहते पहचानकर उसे सही दिशा दी जा सके, इसलिए शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी का विशेष आग्रह है।

शिक्षक + अभिभावक की भागीदारी का आग्रह · कक्षा 7–12 · 60–90 मिनट · कोई सेमिनार शुल्क नहीं

उत्तराखंड में शिक्षक, अभिभावक और स्कूल नेतृत्व के साथ साइबर गोल्ड क्वेस्ट जागरूकता सेमिनार।

साझा अवसर

एक सेमिनार। स्कूल समुदाय के हर हिस्से के लिए स्पष्ट लाभ।

साइबर गोल्ड क्वेस्ट अधिक शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और स्कूलों तक यह विश्वास पहुँचाना चाहता है कि गंभीर साइबर क्षमता यहीं विकसित हो सकती है। स्कूलों की भी जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों के विकल्प सीमित होने से पहले उन्हें नए और विश्वसनीय अवसर दिखाएँ। यह सेमिनार दोनों उद्देश्यों को जोड़ता है।

शिक्षक: दूरदर्शी नेतृत्व दिखाएँ

विद्यार्थियों और अभिभावकों को उभरते तकनीकी मार्ग समझाकर शिक्षक आगे की सोच रखने वाले मार्गदर्शक की भूमिका मजबूत करते हैं। सेमिनार उन्हें वर्तमान संदर्भ और विश्वसनीय अगले कदम देता है।

अभिभावक: एक गंभीर उभरता करियर देखें

साइबर सुरक्षा डिजिटल अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक प्रणालियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हो रही है। IIT कानपुर और IIT मद्रास के चार-वर्षीय B.Cyber कार्यक्रम इसका मजबूत संस्थागत संकेत हैं। अभिभावक समझ पाते हैं कि वास्तविक रुचि कैसे पहचानें और समय रहते अभ्यास में कैसे सहयोग दें।

विद्यार्थी: देखें कि मार्ग कहाँ तक जा सकता है

विद्यार्थी ऐसा मार्ग देखते हैं जिसे अभी शुरू किया जा सकता है—InCTF Junior जैसे स्कूल-स्तरीय CTF, प्रोग्रामिंग व सिस्टम की नींव, IndiaSkills प्रतियोगिता और IIT के B.Cyber जैसे औपचारिक अध्ययन विकल्प।

प्रधानाचार्य और प्रबंधन: भविष्य-दृष्टि दिखाएँ

स्कूल नेतृत्व उभरते तकनीकी अवसरों को समय रहते विद्यार्थियों के सामने ला सकता है, उन्हें विश्वसनीय विकल्पों की ओर ले जा सकता है और उत्तराखंड के भविष्य में नवाचार को मजबूत आधार बनाने में योगदान दे सकता है।

आसानी से साझा करें

स्कूल को यह समझने में मदद करें कि अभी यह क्यों महत्वपूर्ण है।

यदि सेमिनार उपयोगी लगता है, इस हिंदी पृष्ठ को प्रधानाचार्य, शिक्षक या अभिभावक के साथ साझा करें। चार-पृष्ठ की अंग्रेज़ी परिचय-पुस्तिका में B.Cyber, InCTF Junior, IndiaSkills-to-WorldSkills और Indian Computing Olympiad का अतिरिक्त संदर्भ है।

अंग्रेज़ी सेमिनार परिचय-पुस्तिका डाउनलोड करें

साइबर गोल्ड क्वेस्ट के लिए स्कूल सेमिनार क्यों जरूरी हैं

जब अधिक विद्यार्थी रास्ता देख पाते हैं, मिशन का दायरा बढ़ता है।

हर नया स्कूल जागरूकता का दायरा बढ़ाता है और इस संभावना को मजबूत करता है कि वास्तविक रुचि वाला विद्यार्थी सही समय पर इस क्षेत्र से जुड़े। इसी कारण जागरूकता सेमिनार के लिए कोई कार्यक्रम शुल्क नहीं है।

IndiaSkills उत्तर क्षेत्र साइबर सुरक्षा प्रतियोगिता के प्रथम स्थान मंच पर Ajay Dewari और Lalit Kandpal।
उत्तर क्षेत्र स्वर्ण, 2026साइबर सुरक्षा
IndiaSkills साइबर सुरक्षा के राष्ट्रीय कांस्य पदकों के साथ Ajay Dewari और Lalit Kandpal।
IndiaSkills राष्ट्रीय कांस्य, 2026Ajay Dewari + Lalit Kandpal

Ajay Dewari और Lalit Kandpal ने उत्तराखंड राज्य स्वर्ण (2024) से उत्तर क्षेत्र स्वर्ण (2026) और IndiaSkills राष्ट्रीय कांस्य (2026) तक प्रगति की। उनका परिणाम अगले विद्यार्थी के लिए मार्ग को अधिक विश्वसनीय बनाता है।

IndiaSkills राष्ट्रीय प्रतियोगिता और चयन मार्ग है। WorldSkills अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहाँ चुने और तैयार प्रतियोगी वैश्विक कौशल मानकों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं।

स्कूल समुदाय क्या समझकर लौटेगा

साइबर सुरक्षा और अगले कदमों की अधिक स्पष्ट समझ।

सत्र के अंत तक शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी साइबर सुरक्षा के करियर, शुरुआती अभ्यास, अलग-अलग प्रतियोगिताओं व अध्ययन के रास्तों और नवीनतम जानकारी जाँचने के आधिकारिक स्रोतों को बेहतर समझेंगे।

  • भविष्य के करियर के रूप में साइबर सुरक्षा
  • साइबर गोल्ड क्वेस्ट की कहानी: मिशन क्यों है और कैसे काम करता है
  • राष्ट्रीय प्रतियोगिता से अंतरराष्ट्रीय मंच तक IndiaSkills-to-WorldSkills मार्ग
  • उत्तराखंड के वास्तविक उदाहरण, ताकि विद्यार्थी विश्वास कर सकें कि यहाँ से भी संभव है
  • कक्षा 7–12 के लिए InCTF Junior और अन्य CTF; शुरुआती अभ्यास कैसा दिखता है
  • शिक्षक और अभिभावक वास्तविक रुचि कैसे पहचानें और आगे का मार्ग कैसे दें
  • एल्गोरिदम व प्रोग्रामिंग का निकटवर्ती मार्ग: Indian Computing Olympiad; गहरे सिस्टम और साइबर कार्य में C/C++ का महत्व
  • IIT कानपुर और IIT मद्रास के Bachelor of Cybersecurity (B.Cyber) जैसे अध्ययन मार्ग
  • सेमिनार के बाद विद्यार्थी स्वतंत्र रूप से कौन-से व्यावहारिक अगले कदम उठा सकते हैं

व्यवस्था

आप क्या उपलब्ध कराते हैं। हम क्या लाते हैं।

स्कूल
  • प्रोजेक्टर या बड़ा डिस्प्ले, ध्वनि व्यवस्था और उपयुक्त बैठक स्थान
  • जिन आयु समूहों तक पहुँचना है, उनके विद्यार्थी—सामान्यतः कक्षा 7–12
  • शिक्षकों और अभिभावकों को पूरे सेमिनार में विद्यार्थियों के साथ शामिल होने के लिए प्रोत्साहन
इनोवेट इन उत्तराखंड / साइबर गोल्ड क्वेस्ट
  • साइबर गोल्ड क्वेस्ट के अंतर्गत प्रशिक्षक और सुव्यवस्थित सेमिनार
  • CGQ और IndiaSkills-to-WorldSkills की कहानी; शिक्षक, अभिभावक व विद्यार्थियों के लिए करियर और अध्ययन मार्ग
  • साधारण भाषा में साइबर अभ्यास और InCTF Junior जैसे CTF का परिचय
  • वर्तमान आधिकारिक स्रोत और प्रतियोगिता में आगे बढ़ चुके उत्तराखंड के विद्यार्थियों की सार्वजनिक उपलब्धियाँ

एक व्यावहारिक शुरुआत

साइबर गोल्ड क्वेस्ट जागरूकता सेमिनार अपने स्कूल में लाएँ।

स्कूल का नाम, शहर या जिला, कक्षाएँ, विद्यार्थियों की अनुमानित संख्या और कुछ उपयुक्त तिथियाँ साझा करें। इसी संदर्भ से हम उपयुक्त सत्र पर चर्चा करेंगे।